Prayagraj Property Services – Rent, Sale, Construction & Real Estate Solutions

Prayagraj Property Services Property • Construction • Design • Legal • Business Setup – All Services at One Place Property Rent & Sale Listings Residential Properties Commercial Properties Plots & Land View Listings Construction & Building Services Civil & Building Contractors Turnkey Construction Renovation & Waterproofing Explore Services Architects & Design Services Architects Interior & Exterior Designers Vastu Consultants View Designers Plumbing, Electrical & Technical Plumbers & Electricians Solar Panel, CCTV & Lift Services Fire Safety Systems Get Support ...

प्रयागराज में Commercial Property किराये पर देने की कानूनी प्रक्रिया 2025

 


प्रयागराज में Commercial Property किराये पर देने की कानूनी प्रक्रिया 2025

प्रयागराज उत्तर प्रदेश का तेजी से विकसित होता शहर है, जहाँ व्यावसायिक गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। यदि आपके पास कोई Commercial Property है और आप उसे किराये पर देना चाहते हैं, तो आपको कुछ कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। यह लेख आपको प्रयागराज में Commercial Property किराये पर देने की कानूनी प्रक्रिया 2025 के बारे में पूरी जानकारी देगा।

1️⃣ किरायेदार का चयन और सत्यापन

सबसे पहले किरायेदार का चयन सोच-समझकर करें। हमेशा किरायेदार का Police Verification कराना आवश्यक है। इसके लिए प्रयागराज के स्थानीय थाने में किरायेदार का फॉर्म जमा करें। इससे भविष्य में विवाद या अवैध गतिविधियों की स्थिति में सुरक्षा बनी रहती है।

2️⃣ Rent Agreement तैयार करें

Commercial Property के लिए एक कानूनी Rent Agreement अनिवार्य होता है। इसमें किराया राशि, अवधि, सुरक्षा जमा (Security Deposit), संपत्ति उपयोग की शर्तें, रखरखाव और नोटिस अवधि जैसे सभी नियम स्पष्ट रूप से लिखे जाने चाहिए।

3️⃣ रजिस्ट्री या नोटरी से प्रमाणन

आपके Rent Agreement को Notary या Sub-Registrar Office से प्रमाणित करवाना चाहिए। प्रयागराज में व्यावसायिक संपत्तियों के किराये के लिए रजिस्ट्री एग्रीमेंट अधिक विश्वसनीय माना जाता है।

4️⃣ किराया भुगतान और रसीद

किरायेदार से हर माह किराया प्राप्त करने पर Rent Receipt देना न भूलें। इससे आपके रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और आय का स्पष्ट लेखा-जोखा रहता है। यह टैक्स संबंधी मामलों में भी सहायक होता है।

5️⃣ टैक्स और रिपोर्टिंग नियम

Commercial Property से होने वाली आय को “Income from House Property” के रूप में आपके आयकर रिटर्न में दर्शाना अनिवार्य है। अगर किराया ₹2.40 लाख प्रतिवर्ष से अधिक है, तो किरायेदार का PAN Number दर्ज करना जरूरी है।

6️⃣ GST और TDS प्रावधान

अगर आपकी संपत्ति से मासिक किराया ₹20,000 से अधिक है और आप GST पंजीकृत हैं, तो 18% GST लागू हो सकता है। इसी तरह, अगर किरायेदार कोई कंपनी या संस्था है, तो वह किराये पर TDS (10%) काट सकती है।

7️⃣ संपत्ति की स्थिति और रखरखाव

Commercial Property को किराये पर देने से पहले उसकी स्थिति का Inspection Report तैयार करें। किरायेदार को वही संपत्ति उपयोग के लिए दें जो अनुबंध में वर्णित है। इससे भविष्य में विवाद से बचा जा सकता है।

8️⃣ मकान वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया

अगर आप किरायेदार से संपत्ति खाली करवाना चाहते हैं, तो Rent Agreement में दी गई Notice Period (आमतौर पर 1–3 महीने) के अनुसार ही नोटिस दें। जबरन कब्जा छुड़ाने का प्रयास कानूनी विवाद पैदा कर सकता है।

निष्कर्ष

प्रयागराज में Commercial Property किराये पर देना तभी सुरक्षित और लाभदायक है जब आप कानूनी प्रावधानों का पालन करें। Rent Agreement, Police Verification, GST, और टैक्स रिपोर्टिंग जैसे सभी नियमों को ध्यान में रखकर कार्य करें। इससे न केवल आपकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी, बल्कि आय भी नियमित और पारदर्शी बनी रहेगी।


नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी विशेष कानूनी या टैक्स स्थिति में विशेषज्ञ सलाह लेना उचित रहेगा।

लेखक: Vinay Ji | Prayagraj Property Services

प्रयागराज में घर, फ्लैट, प्लॉट, ऑफिस, दुकान या कमर्शियल स्पेस खरीदना या बेचना चाहते हैं?
या
प्रयागराज में घर या फ्लैट किराए पर लेना या देना चाहते हैं?
👉 हमें मैसेज करें।
Prayagraj Property Services
📞 WhatsApp: +91 77538 61106
📧 Email: indizonhindi@gmail.com

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Prayagraj Property Services – Rent, Sale, Construction & Real Estate Solutions

प्रयागराज में किराए के लिए उपलब्ध रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की लिस्ट

PDA Map Approval कैसे कराएं? — आसान और संक्षिप्त गाइड